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हरियाणा में वैश्विक कोरोना महामारी की स्थिति का जायजा लेने के लिए पिछले 2 दिनों से लगातार विभिन्न जिलों का दौरा करने के उपरांत मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार क़ो चंडीगढ़ पहुंचते ही अपने निवास पर देर रात को स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए
बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कोरोना मरीजों के पास होम आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं है उन्हें ग्रामीण क्षेत्र में बने आइसोलेशन सेंटर में भेजा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी पंचायतें अपने गांव में बने आइसोलेशन सेंटरों में सभी प्रकार की जैसे बेड व खाने पीने की उचित व्यवस्था करवाएं। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को विशेष तौर पर तैयार की गई होम आइसोलेशन किट भी तुरंत प्रदान की जाए। साथ ही ऐसे हर परिवार को पल्स ऑक्सीमीटर भी दिए जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाल ही में विशेष तौर पर कोविड के लिए जो अस्पताल तैयार किए गए हैं उनकी लगातार निगरानी की जाए और ग्रामीण क्षेत्रों से कोरोना मरीजों को इन अस्पतालों में भेजा जाए ताकि उन्हें समुचित स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए गठित 8000 टीमों में से 2500 टीमें गांवों का दौरा कर चुकी हैं और लगभग 10 लाख से अधिक ग्रामीण जनसंख्या को कवर किया जा चुका है। 15 हजार से ज्यादा टेस्ट किए गए हैं, जिसमें से लगभग 7 प्रतिशत पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। आगामी दो-तीन दिनों में अन्य टीमें भी गांवों में पहुंच जाएंगी। मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि इन टीमों को डेढ़ लाख से ज्यादा किट दी गई है। यह भी जानकारी दी गई कि इन टीमों को 30,000 से ज्यादा पल्स ऑक्सीमीटर मीटर और 10,000 से ज्यादा थर्मल स्कैनर दिए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों व अन्य बीमारियों वाले मरीजों, जिन्हें घरों में ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता है, ऐसे सभी लोगों को अब तक लगभग 8000 ऑक्सीजन सिलेंडर घरों तक पहुंचाए गए हैं, जिसमें लगभग 6 से 8 घंटे का समय लगता है। इस पर मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि घर तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाने की समय सीमा केवल 2 से 3 घंटे की होनी चाहिए और आपातकालीन स्थिति में ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाने के लिए पीसीआर वैन का उपयोग भी किया जाना चाहिए।
मनोहर लाल ने ब्लैक फंगस बीमारी पर भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश में अब तक ब्लैक फंगस के 100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इसके उपचार के लिए चार मेडिकल कॉलेज चिन्हित किए गए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस बीमारी के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कुछ दवाइयां केंद्र सरकार से भी आएंगी।
मुख्यमंत्री ने कोरोना मामलों की वर्तमान स्थिति पर कहा कि आज कोरोना के 7500 मामले आए हैं, जबकि कोरोना से लड़ाई लड़कर ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 15 हजार के लगभग है। इससे उम्मीद जताई जा सकती है कि आने वाले दिनों में कोरोना के मामलों में बहुत तेजी से कमी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष बल दिया जाए ताकि कोरोना संक्रमण का प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में ना हो और शहरी क्षेत्रों में भी कोरोना के नए मामले न आए इस और भी पूरा ध्यान दिया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव विजय वर्धन, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक निगम, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव व सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ अमित अग्रवाल, नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक प्रभजोत सिंह, एडीजीपी, सीआईडी आलोक मित्तल, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा डॉ वीणा सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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