अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि परिवार पहचान पत्र बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिला में पीपीपी का 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही जिला में परिवार पहचान पत्र का शत प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया जाएगा। परिवार पहचान पत्र में जाति की सत्यत्ता की जांच होनी है और इसके लिए पटवारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। जिला में पीपीपी के कास्ट वैरिफिकेशन के लिए 120 पटवारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
                वे शुक्रवार को स्थानीय लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में दो दिवसीय कास्ट वैरिफिकेशन कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। कार्यशाला में मानव संसाधन एवं सूचना विभाग से मास्टर ट्रेनर सुधांशु सिंह ने पटवारियों को परिवार पहचान पत्र में जाति सत्यापन कार्य की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी रमेश शर्मा भी मौजूद थे।
                अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि परिवार पहचान पत्रों में कास्ट वैरिफिकेशन बहुत महत्वपूर्ण कार्य है। इसलिए सभी कर्मचारी अच्छी तरह से प्रशिक्षण प्राप्त करें। अगर किसी भी प्रकार की शंका है तो इस बारे में मास्टर ट्रेनर से पूर्ण जानकारी प्राप्त करें ताकि कार्य के दौरान कोई समस्या न आए। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, भविष्य में इसके माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इसलिए इस कार्य को सभी कर्मचारी पूरी गंभीरता व जिम्मेवारी के साथ करें।
               उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के परिवार पहचान पत्र बन चुके हैं और कास्ट वैरिफिकेशन नहीं हुई है, उनकी अब पटवारियों द्वारा फिजीकल वैरिफिकेशन की जाएगी तथा पोर्टल पर डाटा अपलोड किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीपीपी बनवाने वाले परिवारों के लिए प्रक्रिया का सरलीकरण कर दिया गया है, अब केवल नाम, मोबाईल नम्बर और आधार कार्ड के माध्यम से परिवार पहचान पत्र बनवाए जा सकेंगे। इसके लिए संबंधित परिवार के मुखिया को अपने नजदीकी सीएससी में जाकर आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र हर परिवार के लिए जरूरी दस्तावेज है। इसके माध्यम से ही हरियाणा सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा।

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