दिल्ली में जारी किसान आंदोलन  के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में सचिवालय में तिरंगा फहराया। इस खास मौके पर सभी मंत्री और सचिवालय के कर्मचारी समेत अन्य लोग मौजूद थे। इस अवसर पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दुनिया में सबसे पहले होम आइसोलेशन की शुरुआत दिल्ली में की गई। अभी तक 3 लाख से ज़्यादा मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में हो चुका है। दिल्ली ने जब से होम आइसोलेशन की प्रक्रिया शुरू की तब से देश और दुनिया ने दिल्ली से सीखकर होम आइसोलेशन को अपनाया।केजरीवाल ने कहा कि न्यूयॉर्क में अप्रैल 2020 के पहले हफ्ते में 6300 केस आए। वहां 6300 केस में भी न्यूयॉर्क का सारा हेल्थ सेक्टर गिर कर गए। वहां अस्पतालों में जगह नहीं थी और कॉरिडोर और सड़कों पर मरीज पड़े थे। केवल न्यूयॉर्क ही नहीं कई विकसित देशों का हाल खराब रहा। दिल्ली में 8 नवंबर को साढ़े 8 हजार केस आए, तब भी बड़ी संख्या में बेड खाली पड़े थे। सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पिछले 5 साल में जो स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया है, उसी का नतीजा  है कि महामारी में हमने अच्छा मैनेजमेंट किया। इसमें हेल्थ वर्कर्स का अहम योगदान है। जब दिल्ली में सबसे अधिक केस आए, तभी भी दिल्ली का हेल्थ सिस्टम गिरा नहीं हुआ। सभी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई। सीएम केजरीवाल ने आगे कहा कि लोगों की नौकरियां चली गई, दुकानें, मार्केट और फैक्ट्री बंद हो गई। सरकार के पास टैक्स आना बंद हो गया। ऐसे कठिन दौर में भी दिल्ली वालों ने मुसीबत को संभाला और सभी का वेतन दिया। लोगों का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया था, तब भी दिल्ली सरकार ने 1 करोड़ लोगों को हर महीने सूखा राशन दिया गया। 10 लाख लोगों को रोज लंच और डिनर की व्यवस्था की। केजरीवाल ने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि महामारी में लोग भूख से नहीं मर जाए। ऑटो-टैक्सी सब चलना बंद हो गए। ड्राइवर्स के खाते में 5-5 हजार रुपए जमा कराए। पूरी देश में किसी भी राज्य सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों की सुध नहीं ली। करीब 44 हजार कंस्ट्रक्शन मजदूरों के खाते में 10-10 हजार रुपए जमा कराए।सीएम बोले कि पूरी दुनिया जब कोरोना की दवाई का इंतजार कर रहा था। तब भी हमारे डॉक्टर्स ने प्लाज्मा थैरेपी दुनिया को दी। मुझे गर्व है कि 2 जुलाई को दुनिया का सबसे पहला प्लाज्मा बैंक दिल्ली के आईएलबीएस में बना। अभी तक 4929 लोगों को प्लाज्मा दिया जा चुका है। 5 हजार लोगों की जान बचाई जा चुकी है। कई सारी विकसित देश में स्वास्थ्य सिस्टम खराब थे। तब हमने थोड़े बहुत सिम्टम वाले मरीजों को होम आइसोलेशन इजाद किया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में होम आइसोलेशन दिल्ली में हुआ। जिन मरीजों को डॉक्टर्स की जरूरत नहीं है, उनका इलाज घर में हुआ। डॉक्टर मरीजों को घर जाकर किट देते थे। पूरी दुनिया में हमने घर-घर मरीजों को ऑक्सीमीटर दिए। अभी तक 3 लाख से अधिक मरीज ठीक हो गए। पूरी दुनिया ने होम आइसोलेशन को सीखा। होम आइसोलेशन के साथ सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों ने मिलकर एक टीम की तरह दिल्ली के लोगों की सेवा की।

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